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बवासीर के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

बवासीर के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

आयुर्वेद में हर बीमारी को जड़ से खत्म करने का इलाज है और बवासीर एक ऐसी बीमार है जिसके लिए आयुर्वेदिक उपचार से बेहतर और कुछ नहीं। यहां हम बात करने वालें हैं बवासीर या पाइल्स के आयुर्वेदिक उपचारों के बारे में। बवासीर(पाइल्स)के उपचारों के बारें में बात करने से पहले  हमें जानना जरूरी है कि बवासीर क्यों होती है और इसके कारण क्या है।

बवासीर के लक्षण

कई बार बवासीर(पाइल्स ) यदि गंभीर अवस्था में ना पहुंचा हो तो यह 4-5 दिनों में अपने आप ही ठीक हो जाती है, लेकिन रोग समय के बढ़ने पर निम्‍नि‍लिखत लक्षण देखे जा सकते हैं-

बवासीर के कारण, लक्षण

  • गुदा के आस-पास कठोर गांठ जैसी महसूस होती है। इसमें दर्द रहता है, तथा खून भी आ सकता है।
  • शौच के बाद भी पेट साफ ना होना।
  • शौच के वक्त जलन के साथ लाल चमकदार खून का आना।
  • शौच के वक्त अत्यधिक पीड़ा होना।
  • गुदा के आस-पास खुजली, एवं लालीपन, व सूजन रहना।
  • शौच के वक्त म्यूकस का आना।
  • बार-बार मल त्यागने की इच्छा होना, लेकिन त्यागते समय मल न निकलना।

अगर आप बवासीर(पाइल्स)के लक्षणों को महसूस कर रहे हैं तो इन्‍हें नजरंदाज ना करें। जल्द से जल्द डॉक्टर के पास इसका इलाज  कराएं।

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बवासीर के कारण

आमतौर पर इसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन कुछ लोग में पाइल्‍स की वजह कब्ज या गैस हो सकती है। एक और कारण जो ज्‍यादा बवासीर रोगियों मे देखा जाता है वह है खान पान। अगर आप फाइबर युक्त भोजन नहीं खाते है तो आपके पाचन क्रिया सही नहीं होती है जिससे आपको बवासीर होने का खतरा रहता है। यहां कुछ आम कारण है जिनसे आप इस बीमारी के शिकार हो सकते हैं।

  • डिप्रेशन और धूम्रपान का अधिक सेवन भी इस गंभीर समस्या को जन्म दे सकता है।
  • कम शारीरिक गतिविध्यां ओर ज्‍यादा तेल मसाले वाला भोजन भी बवासीर का करण बन सकते हैं।

बवासीर के प्रकार

रोगियों में अब तक दो तरह के बवासीर देखें गए हैं। कुछ लोगो को खूनी बवासीर होता है इसमें मल त्‍याग करते वक्त खून आता है। यह पीड़ा नहीं देता पर सही समय पे इलाज जरूरी है।

कुछ लोग बादी बवासीर से ग्रस्त होते है जिसमे खून नहीं आता पर अधिक दर्द होता है।

बवासीर के घरेलू उपचार

एलोवेरा के प्रयोग से बवासीर का इलाज

सदियों से एलोवेरा कई बीमारियों के उपयोग होता रहा है, पाइल्‍स भी उनमें से एक है लेकिन सवाल यह उठता है कि बवासीर के लिए एलो वेरा का उपयोग कैसे करें? इसके लिए आप बवासीर पर एलोवेरा जेल लागू करें और इसे अपनी उंगलियों से धीरे से मालिश करें। आप जेल को कुछ समय के लिए पाइल्‍स पर छोड़ सकते हैं, और 15 मिनट बाद आप इसे धो सकते हैं। एलोवेरा के सूजनरोधक और चिकित्सकीय गुणों से बवासीर की जलन कम हो जाती है।

 कस्टड या अरंडी ऑयल

कस्‍टड ऑयल एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर, एंटी-फंगल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी जैसे व्यापक गुण होते हैं। इसलिए, इस घटक में बवासीर के आकार को कम करने और व्यक्ति में दर्द को कम करने की शक्ति है।

विशेषज्ञ हर रात दूध में 3 मिलीलीटर अरंडी का तेल लेने की सलाह देते हैं। इसे प्रभावित क्षेत्र में भी लगाया जा सकता है। बाहरी आवेदन और नियमित सेवन, बवासीर के दर्द और लक्षणों को कम करने के लिए अच्छी तरह से काम करता है।

बवासीर के घरेलू उपचार के लिए जीरे का प्रयोग

बादी बवासीर में दर्द और जलन होने पर जीरे के दानों को पानी के साथ पीसकर लेप बना लें। इसे मस्सों वाली जगह पर लगाएं। इसके अलावा जीरे को भूनकर मिश्री के साथ पीस लें। इसे दिन में 2-3 बार 1-2 ग्राम की मात्रा में मट्ठे के साथ सेवन से बवासीर में राहत मिलती है।

मट्ठा और अजवायन के सेवन से पाइल्स का इलाज

मट्ठा बवासीर रोग में अमृत के समान है। एक गिलास छाछ में एक चौथाई अजवायन पाउडर, और एक चम्मच काला नमक मिलाकर रोजाना दोपहर के खाने में सेवन करें। यह बवासीर से आराम पाने का सबसे अच्छा घरेलू उपचार है।

यह थे बवासीर(पाइल्स ) से राहत पाने के कुछ घरेलू उपचार जो आपके इस गंभीर बीमारी के लक्षणों को कम करने में मदद करेगें और आपकी बवासरी का जड़ से खत्‍म करेगें लेकिन सिर्फ इतना ही नहीं बवासीर जैसी बीमारी में आपको खाने का भी ध्‍यान रखने की आवश्‍यकता होती है। इसके लिए आपको ऐसे आहार का सेवन करना होगा जो इस बीमारी को बढ़ने से रोकते हैं।

इन बातों को रखें ध्‍यान

  • अगर आप बवासीर से ग्रस्‍त है तो जंक-फूड का सेवन कभी न करें।
  • तनाव और गुस्सा पर काबू करें हो सके तो व्यायाम करें
  • हमेशा ठंडा पानी पिएं।
  • मिर्च-मसाले और तला भुना भोजन का सेवन आपकों और तकलीफ दे सकता है।
  • हरी सब्जियां और सलाद का रोजाना सेवन करें।
  • कोल्‍ड ड्रिंग्‍स और शराब का सेवन न करें।

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